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श्री शिवानन्द
शिवानन्द: एम.ए. (अंग्रेजी
तथा संस्कृत): जन्म 18 जुलाई 1926, मेरठ: पत्नी रूद्रावती, तीन पुत्र,
5 पुत्रियाँ: प्रवक्ता अंग्रेजी 1947-72: प्रधानाचार्य 1972-89: आकाशवाणी
पर अनेक वार्ताएँ: अमेरिका में गीता प्रवचन 1985: रचनाएँ गीता रसामृत,
ईशावास्य दिव्यामृत, कठोपनिषद् दिव्यामृत, मुण्डक दिव्यामृत, श्वेताश्वतर
दिव्यामृत, जीवन और सुख, जीवन और अभय, आनन्द की ओर, आनन्दमय जीवन, तनाव
से मुक्ति और ध्यानद्वीप, Inspirational
Thoughts : प्रेरणात्मक विचार: अनेक लेख विभिन्न पत्रिकाओं में
प्रकाशित हुए: गीता मर्मज्ञ उपाधि से अलंकृत: राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित
1988, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा साहित्य भूषण सम्मान से समलंकृत
1997: पता विजय नगर, मेरठ- 250001, उत्तर प्रदेश (भारत):दूरभाष- 0121-2642041
सस्ता साहित्य मण्डल : एक परिचय
‘मण्डल’ की स्थापना सन्
1925 में उत्तम साहित्य को सस्ते मूल्य में निकालने के उद्देश्य से महात्मा
गांधी तथा श्री जमनलाल बजाज की प्रेरणा से हुई थी |
अपनी स्थापना से लेकर अबतक के वर्षों में ‘मण्डल’ ने विविध विषयों की लगभग
दो हज़ार पुस्तकें प्रकाशित की हैं, जिनमें से आज थोड़ी ही प्राप्य हैं
|
इसके सम्मानित लेखकों में युगपुरुष महात्मा गांधी, पं० जवाहर लाल नेहरू,
डॉ० राजेन्द्र प्रसाद, आचार्य विनोबा भावे, सर्वश्री चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य,
काकासाहब कालेलकर, गणेश वासुदेव मावलंकर, किशोरलाल घ० मशरूवाला, घनश्यामदास
बिड़ला आदि राजनेता, चिंतक तथा समाजसेवी, हरिभाऊ उपाध्याय, वियोगी हरि,
वासुदेवशरण अग्रवाल, इन्द्र विद्यावाचस्पति, मनोज बसु, रामवृक्ष बेनीपुरी,
विष्णु प्रभाकर, इन्द्रचन्द्र शास्त्री, ना० दु० व्यास, श्रीमन्नारायण
प्रभृति साहित्यकार तथा महर्षि टॉल्सटॉय, खलील जिब्रान, स्टीफन ज़्विग,
तुर्गनेव, हेरियट बीचर स्टो, क्रोपाटकिन आदि विदेशी हैं |
‘मण्डल’ के प्रकाशकों की विशेषता यह है कि उन्हें परिवार का कोई भी सदस्य
नि:संकोच पढ़ सकता है। वे जहाँ सुरुचिपूर्ण सुपाठ्य हैं, वहीं ज्ञानवर्द्धक
और प्रेरणादायक भी हैं |
उसका आत्म-कथा, जीवनी, यात्रा, उपन्यास, संस्मरण आदि साहित्य बड़ा लोकप्रिय
हुआ है, साथ ही उसकी विभिन्न मालाओं की पुस्तकें पाने के लिए तो पाठक सदा
लालायित रहते हैं |
‘मण्डल’ की पुस्तकें सामग्री की दृष्टि से उपयोगी, छपाई की दृष्टि से उत्तम,
आवरण की दृष्टि से सुरुचिपूर्ण तथा मूल्य की दृष्टि से अपेक्षाकृत सस्ती
हैं। उनसे अपने घर में एक छोटा-सा पुस्तकालय बनाया जा सकता है |
सस्ता
साहित्य मण्डल नें इस परियोजना हेतु निम्नलिखित पुस्तकों
का योगदान दिया
सुबोध साहित्य माला.
1. सिंहासन बत्तीसी
2. सफलता की कुंजी
3. ईंट की दीवार
4. हमारी आदर्श नारियां
5. हमारे प्रमुख तीर्थ
6. हमारी बोध-कथाएं
7. बापू का पथ
8. भारतीय लोककथाएं
9. मेंढक और गिलहरी
10. चंदाभाई की चांदनी
11. राजकुमार की प्रतिज्ञा
12. सन्तों की सीख
13. बेताल पच्चीसी
14. हमारी नदियां
15. विश्व की श्रेष्ठ कहानियां
16. सात पूंछोंवाला चूहा
17. मां-जाय भाई
18. कहानी कहूं भैया
19. बड़ों की बड़ी बात
20. पथ के आलोक
21. हमारे संत-महात्मा
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